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राजस्थान बजट 2025-26: पहले ‘ग्रीन थीम बजट’ की बड़ी घोषणाएं

अपने पहले ‘ग्रीन थीम बजट’ में राज्य सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी, रूरल डेवलपमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर दिया है. इस बजट में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान को वर्ष 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का ऐलान किया है.

राजस्‍थान सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया है. यह भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है. उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी की बजट स्पीच करीब 2 घंटे 18 मिनट की थी, जिसमें उन्होंने राजस्थान को वर्ष 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का ऐलान किया है.

‘विकसित राजस्थान’ पर जोर देते हुए एक ऐतिहासिक पहल के तहत इस वर्ष के बजट को राज्य सरकार ने ‘ग्रीन थीम बजट’ बताया है. अपने पहले ‘ग्रीन थीम बजट’ में राज्य सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी, रूरल डेवलपमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर दिया है. यह बजट प्रदेश के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें किसान, युवा, महिला, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सड़क और परिवहन सहित ग्रामीण विकास तक हर क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है.

उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट पेश करते हुए राज्य में मुफ्त बिजली, सड़कों और सरकारी नौकरियों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की है. इस बजट में बुजुर्गों, विधवा और दिव्यांगजनों की पेंशन को बढ़ाकर 1250 रुपये मासिक कर दिया गया है. बजट में राजधानी जयपुर में मेट्रो के विकास की भी घोषणा की गई है.

पहले ‘ग्रीन थीम बजट’ की बड़ी घोषणाएं

राज्य के पहले ‘ग्रीन थीम बजट’ में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने, 2 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन देने, 1 साल में 2.75 लाख सरकारी व प्राइवेट भर्तियां निकालने, ट्रैफिक कम करने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड बनाने, हर महीने 150 यूनिट बिजली फ्री देने, 1000 नई बसें खरीदने, सड़क ठीक कराने के लिए हर विधानसभा को 10 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.

इस बजट में 3,500 करोड़ रुपये का ‘मां फंड’ बनाने की घोषणा की गई है, जो प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के उत्थान में सहायक होगा. राज्य सरकार ने बजट में 'मां कोष' गठित करके दूसरे राज्यों में फ्री इलाज देने, गरीबों को आंखों की जांच के बाद फ्री चश्मा देने, बुजुर्गों को ट्रेन-प्लेन से फ्री धार्मिक यात्रा करवाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने, जीरो एक्सीडेंट जोन बनाने, 70 साल से अधिक के बुजुर्गों को घर पर फ्री दवा पहुंचाने की घोषणा भी की है.

बालिकाओं को 35 हजार स्कूटी बांटने, 20 लाख लखपति दीदी बनाने, अग्निवीरों के लिए आरक्षण देने, पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने, पुजारियों का मानदेय बढ़ाने, पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने, गेंहू के एमएसपी पर बोनस राशि बढ़ाने, 30 लाख किसानों को 25000 करोड़ रुपये का लोन देने की घोषणा भी इस बजट में की गई है.

उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी देने और 900 करोड़ रुपये से क्लिन एंड ग्रीन सिटी बनाने का ऐलान भी इस बजट में किया है.

बजट में 1,500 नए स्टार्टअप शुरू करने और 750 से अधिक स्टार्टअप को फंडिंग देने का प्रावधान किया गया है. युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कोटा में 150 करोड़ रुपये की लागत से विश्वकर्मा स्किल इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही, प्रदेश में विश्वकर्मा उद्यमी योजना शुरू कर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लागू करने की योजना है.

एक कदम ‘विकसित राजस्थान 2047’ की ओर — सीएम भजनलाल शर्मा

बजट के बाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “आज का बजट संकल्प पत्र में किए वायदे के अनुसार प्रस्तुत किया गया है. मुझे इस बात की खुशी है कि कैबिनेट साथियों के सहयोग से भाजपा सरकार ने संकल्प पत्र का 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया है. जुलाई में जो हमने बजट दिया था, उसकी 96 प्रतिशत घोषणाओं को धरातल पर उतारने का काम पूरा हो गया है. यह पहली बार ही हुआ होगा जब पिछले बजट की ऐसी क्रियान्विति हुई होगी.”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज का बजट हमने युवा, महिला, किसान और मजदूर को ध्यान में रख कर बनाया है. प्रधानमंत्री मानते हैं कि चार जातियां ऐसी हैं जिनके लिए काम करने पर देश-प्रदेश का विकास होगा. हम ग्रीन ग्रोथ पर फोकस करते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे. विकसित राजस्थान 2047 की ओर हमने कदम बढ़ाया है. इस बजट का 11.34% ग्रीन बजट के लिए है.”

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने आम जनता की परेशानी देखी और JJM के तहत घर-घर जल पहुंचाने का काम किया है. अरावली पर्वत को हरित बनाए रखने के हरित अरावली विकास योजना पर 250 करोड़ रुपए खर्च करेंगे. सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 1250 किया है. नवगठित जिलों के लिए 1000 करोड़ दिए जाएंगे. हमने यह नहीं किया कि जिले बना दिए लेकिन उसके लिए वित्तीय राशि नहीं दी. हमने ऑफिस के लिए, आधारभूत संरचना के लिए राशि भी दी है. इसके साथ ही हमने 1 लाख 25 हजार सरकारी भर्ती निकालने का ऐलान किया है. इसके साथ ही 1 लाख 50 हजार युवाओं को प्राइवेट नौकरियां दिलाने का ऐलान भी किया है.”